कानपुर GSVM की रिपोर्ट:: 'दुलार भरी पैरेंटिंग' कम कर रही बर्दाश्त की क्षमता, किशोरों में बढ़ रहा सुसाइडल रिस्क
किशोरों और युवाओं में बर्दाश्त करने की क्षमता कम हो रही है। जरा सी बात पर वे अवसाद में आ जाते हैं। आवेगी निर्णय पर भी नियंत्रण नहीं रख पाते और घातक कदम उठा लेते हैं।किशोरों और युवाओं में बर्दाश्त करने की क्षमता कम हो रही है। जरा सी बात पर वे अवसाद में आ जाते हैं। आवेगी निर्णय पर भी नियंत्रण नहीं रख पाते और घातक कदम उठा लेते हैं।किशोरों और युवाओं में बर्दाश्त करने की क्षमता कम हो रही है। जरा सी बात पर वे अवसाद में आ जाते हैं। आवेगी निर्णय पर भी नियंत्रण नहीं रख पाते और घातक कदम उठा लेते हैं।किशोरों और युवाओं में बर्दाश्त करने की क्षमता कम हो रही है। जरा सी बात पर वे अवसाद में आ जाते हैं। आवेगी निर्णय पर भी नियंत्रण नहीं रख पाते और घातक कदम उठा लेते हैं।https://www.amarujala.com/uttar-pradesh/kanpur/kanpur-gsvm-report-pampering-parenting-is-lowering-tolerance-increasing-suicidal-risk-among-teens-2026-02-26https://www.amarujala.com/uttar-pradesh/kanpur/kanpur-gsvm-report-pampering-parenting-is-lowering-tolerance-increasing-suicidal-risk-among-teens-2026-02-262026-02-27T03:43:48.000Z2026-02-27T03:43:48.000Z
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